सिद्धार्थनगर में अब शिक्षा के साथ विद्यालयन में स्वच्छता आ हरियाली के भी होई परख
सिद्धार्थनगर जिला के स्कूलन खातिर नया नियम सामने आइल बा। अब पढ़ाई-लिखाई के संगे-संगे विद्यालयन के साफ-सफाई आ हरियाली के आधार पर भी परखल जाई, जवना से शिक्षण संस्थानन में सुधार देखे के मिली।
सिद्धार्थनगर जिला में शिक्षा व्यवस्था के बेहतर बनाए खातिर प्रशासन लगातार नया कदम उठा रहल बा। एह कड़ी में अब स्कूलन के मूल्यांकन के तरीका में बदलाव कइल गइल बा, जवना से मास्टरसाहिब लोगन से लेके बच्चन तक में जागरूकता बढ़ी।
नया व्यवस्था के मुताबिक, अब जिला के विद्यालयन के सिर्फ किताबी ज्ञान या पढ़ाई के स्तर पर ही ना परखा जाई, बल्कि ओहिजा साफ-सफाई आ हरियाली के स्थिति के भी विशेष रूप से जांचल जाई। ई देखल जाई कि स्कूल परिसर कतना स्वच्छ बा आ पेड़-पौधा के का हाल बा।
प्रशासनिक अधिकारी लोग के मानल जाय त स्कूलन में पर्यावरण के प्रति लगाव बढ़ावे आ बच्चा लोगन में शुरू से साफ-सफाई के आदत डाले खातिर ई पहल बहुत जरूरी बा। जवना स्कूल में हरियाली आ स्वच्छता मिली, ओकर मूल्यांकन बेहतर होई।
एह नया नियम के आवे के बाद से विद्यालयन के प्रबंधक आ शिक्षक लोग भी सतर्क हो गइल बा। स्कूल परिसर के साफ रखे आ नया पौधा रोपे के काम तेजी से शुरू कइल जा रहल ताकि निरीक्षण के दौरान कवनो कमी ना निकले।
आनेवाला समय में एह परख के आधार पर विद्यालयन के स्थिति में सुधार साफ देखे के मिली। ग्रामीण आ शहरी दुनो इलाका के स्कूलन खातिर ई नियम लागू कइल गइल बा, जवना से शिक्षा के संगे-संगे पर्यावरण पर भी ध्यान दिहल जा सके।